बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन और ऑफ स्पिनर मेहदी हसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे और फाइनल टेस्ट के बाद आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में क्रमशः 14 और सात स्थान की छलांग लगाई है। बांग्लादेश ने दूसरा टेस्ट पारी और 184 रन से जीता था। उस टेस्ट में मेहदी ने 12 विकेट लिए थे। यह उनका और बांग्लादेश के किसी भी गेंदबाज़ का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
यासिर शाह ने होल्डर को पीछे छोड़ा
21 साल के ऑफ स्पिनर मेहदी ने अपने इस प्रदर्शन की बदौलत आईसीसी टेस्ट गेंदबाजी रैंकिंग में 16वें नंबर पर पहुंच गए हैं। यह उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है, उनके 696 रेटिंग अंक हैं। इसके अलावा गेंदबाजी में शीर्ष-10 रैंकिंग में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। पाकिस्तान के यासिर शाह एक स्थान के सुधार के साथ जेसन होल्डर की जगह नौवें नंबर पर पहुंच गए हैं।
शाकिब बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में 21वें नंबर पर
बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष -20 खिलाड़ियों के नामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, बांग्लादेश की 2-0 से जीत में अहम भूमिका निभाने वाले शाकिब टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग 21वें नंबर पर पहुंच गए हैं। गेंदबाजी में भी उनकी रैंकिंग 21 है। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर बरकरार हैं। टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है, जहां वह छह दिसंबर से चार टेस्ट की सीरीज खेलेगी। पहला मैच एडिलेड ओवर में होना है।
एक फरवरी को देश का बजट पेश होने वाला है। बजट कैसा हो और कैसे आम आदमी की जेब पर कम बोझ पड़े जैसे मुद्दों पर हर तरफ चर्चा हो रही है। लेकिन एक वक्त था जब दुनिया में ऐसे अजीबो गरीब टैक्स लगाए जाते थे जो आज लगा दिए जाए तो हंगामा हो जाए। हालांकि कुछ ऐसे टैक्स आज भी लगते हैं जो चौंकाते हैं। आज ऐसे ही कुछ अजीबो-गरीब टैक्स के बारे में बताते हैं। सेक्स टैक्स.
सेक्स टैक्स: कभी सेक्स टैक्स के बारे में सुना है। नहीं तो फिर जान लीजिए कि जर्मनी में सैक्स टैक्स जैसे कानून बनाए गए हैं। यहां प्रॉस्टिट्यूशन लीगल है। 2004 में इस कानून को बनाया गया। जिसके तहत हर प्रॉस्टिट्यूट को हर महीने 150 यूरो देने पड़ते हैं। इस सेक्स टैक्स के चलते यहां एक साल में 1 मिलियन यूरो की आमदनी होती है।
Tuesday, December 4, 2018
हरमनप्रीत-मंधाना ने बीसीसीआई को लिखी चिट्ठी, पोवार को दोबारा कोच बनाने की मांग
महिला टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में अंतिम एकादश से मिताली राज को बाहर रखने का विवाद थम नहीं रहा। कप्तान हरमनप्रीत कौर और उपकप्तान स्मृति मंधाना ने सोमवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को पत्र लिखा। इसमें कोच रमेश पोवार की कोच पद पर वापसी की मांग की गई है। इस विवाद के बाद बीसीसीआई ने कोच पोवार का कार्यकाल नहीं बढ़ाया था।
हरमनप्रीत और मंधाना ने बीसीसीआई की प्रशासकों की समिति (सीओए) को पत्र लिखा। सीओए के चेयरमैन विनोद राय ने पुष्टि की है कि दोनों ने पत्र में पोवार को पद पर बनाए रखने की मांग की है।’’ पोवार का कार्यकाल 30 नवंबर को समाप्त हुआ था, जिसके बाद बीसीसीआई ने कोच पद के लिए नए आवेदन मांगे हैं। पोवार भी आवेदन दे सकते हैं।
हरमनप्रीत ने कहा- पोवार टीम में बदलाव लाए
हरमनप्रीत ने पत्र में लिखा, ‘‘मैं टी-20 कप्तान और वनडे उपकप्तान के रूप में आपसे अपील करती हूं कि पोवार को कोच के रूप में बरकार रखा जाए। अगले टी-20 वर्ल्ड कप में 15 महीने और न्यूजीलैंड दौरे पर जाने के लिए एक महीना ही शेष है। एक टीम के रूप में वे जिस तरह हमारे अंदर बदलाव लाए उसे देखते हुए मुझे उन्हें बदलने का कोई कारण नजर नहीं आता।’’
'इंग्लैंड से मिली हार दिल तोड़ने वाली थी'हरमनप्रीत ने इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में हार पर लिखा, ‘‘हार दिल तोड़ने वाली थी और यह देखकर परेशानी और बढ़ गई कि कैसे हमारी छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। पोवार सर ने हमें प्रेरित किया कि हम खुद को चुनौती देने के लिए लक्ष्य बनाएं। उन्होंने तकनीकी और रणनीतिक रूप से भारतीय महिला क्रिकेट टीम में बदलाव किया।’’
मिताली को बाहर रखने का फैसला सामुहिक : हरमनप्रीत
हरमनप्रीत ने मिताली को बाहर रखने पर कहा, "‘उन्हें बाहर करना टीम प्रबंधन का फैसला था। इसके लिए पोवार अकेले जिम्मेदार नहीं थे। उस समय की जरूरतों को देखते हुए मैंने, स्मृति, चयनकर्ता (सुधा शाह) और कोच ने हमारे मैनेजर की मौजूदगी में यह फैसला किया था।’’
पोवार ने टीम का मनोबल बढ़ाया : मंधानास्मृति ने भी इस मामले में हरमनप्रीत का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "पोवार ने उन्हें बेहतर क्रिकेटर बनाया। उन्होंने सहयोगी स्टाफ के साथ मिलकर एक टीम के रूप में हमारा मनोबल बढ़ाया, जिससे हम लगातार 14 टी-20 मैच जीतने में सफल रहे।"
हरमनप्रीत और मंधाना ने बीसीसीआई की प्रशासकों की समिति (सीओए) को पत्र लिखा। सीओए के चेयरमैन विनोद राय ने पुष्टि की है कि दोनों ने पत्र में पोवार को पद पर बनाए रखने की मांग की है।’’ पोवार का कार्यकाल 30 नवंबर को समाप्त हुआ था, जिसके बाद बीसीसीआई ने कोच पद के लिए नए आवेदन मांगे हैं। पोवार भी आवेदन दे सकते हैं।
हरमनप्रीत ने कहा- पोवार टीम में बदलाव लाए
हरमनप्रीत ने पत्र में लिखा, ‘‘मैं टी-20 कप्तान और वनडे उपकप्तान के रूप में आपसे अपील करती हूं कि पोवार को कोच के रूप में बरकार रखा जाए। अगले टी-20 वर्ल्ड कप में 15 महीने और न्यूजीलैंड दौरे पर जाने के लिए एक महीना ही शेष है। एक टीम के रूप में वे जिस तरह हमारे अंदर बदलाव लाए उसे देखते हुए मुझे उन्हें बदलने का कोई कारण नजर नहीं आता।’’
'इंग्लैंड से मिली हार दिल तोड़ने वाली थी'हरमनप्रीत ने इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में हार पर लिखा, ‘‘हार दिल तोड़ने वाली थी और यह देखकर परेशानी और बढ़ गई कि कैसे हमारी छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। पोवार सर ने हमें प्रेरित किया कि हम खुद को चुनौती देने के लिए लक्ष्य बनाएं। उन्होंने तकनीकी और रणनीतिक रूप से भारतीय महिला क्रिकेट टीम में बदलाव किया।’’
मिताली को बाहर रखने का फैसला सामुहिक : हरमनप्रीत
हरमनप्रीत ने मिताली को बाहर रखने पर कहा, "‘उन्हें बाहर करना टीम प्रबंधन का फैसला था। इसके लिए पोवार अकेले जिम्मेदार नहीं थे। उस समय की जरूरतों को देखते हुए मैंने, स्मृति, चयनकर्ता (सुधा शाह) और कोच ने हमारे मैनेजर की मौजूदगी में यह फैसला किया था।’’
पोवार ने टीम का मनोबल बढ़ाया : मंधानास्मृति ने भी इस मामले में हरमनप्रीत का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "पोवार ने उन्हें बेहतर क्रिकेटर बनाया। उन्होंने सहयोगी स्टाफ के साथ मिलकर एक टीम के रूप में हमारा मनोबल बढ़ाया, जिससे हम लगातार 14 टी-20 मैच जीतने में सफल रहे।"
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