Tuesday, December 4, 2018

मेहदी 14 स्थान की छलांग के साथ 16वें नंबर पर, शाकिब भी सात स्थान ऊपर पहुंचे

बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन और ऑफ स्पिनर मेहदी हसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे और फाइनल टेस्ट के बाद आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में क्रमशः 14 और सात स्थान की छलांग लगाई है। बांग्लादेश ने दूसरा टेस्ट पारी और 184 रन से जीता था। उस टेस्ट में मेहदी ने 12 विकेट लिए थे। यह उनका और बांग्लादेश के किसी भी गेंदबाज़ का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

यासिर शाह ने होल्डर को पीछे छोड़ा

21 साल के ऑफ स्पिनर मेहदी ने अपने इस प्रदर्शन की बदौलत आईसीसी टेस्ट गेंदबाजी रैंकिंग में 16वें नंबर पर पहुंच गए हैं। यह उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है, उनके 696 रेटिंग अंक हैं। इसके अलावा गेंदबाजी में शीर्ष-10 रैंकिंग में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। पाकिस्तान के यासिर शाह एक स्थान के सुधार के साथ जेसन होल्डर की जगह नौवें नंबर पर पहुंच गए हैं।

शाकिब बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में 21वें नंबर पर

बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष -20 खिलाड़ियों के नामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, बांग्लादेश की 2-0 से जीत में अहम भूमिका निभाने वाले शाकिब टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग 21वें नंबर पर पहुंच गए हैं। गेंदबाजी में भी उनकी रैंकिंग 21 है। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर बरकरार हैं। टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है, जहां वह छह दिसंबर से चार टेस्ट की सीरीज खेलेगी। पहला मैच एडिलेड ओवर में होना है।

एक फरवरी को देश का बजट पेश होने वाला है। बजट कैसा हो और कैसे आम आदमी की जेब पर कम बोझ पड़े जैसे मुद्दों पर हर तरफ चर्चा हो रही है। लेकिन एक वक्त था जब दुनि‍या में ऐसे अजीबो गरीब टैक्‍स लगाए जाते थे जो आज लगा दिए जाए तो हंगामा हो जाए। हालांकि कुछ ऐसे टैक्स आज भी लगते हैं जो चौंकाते हैं। आज ऐसे ही कुछ अजीबो-गरीब टैक्स के बारे में बताते हैं। सेक्स टैक्स.

सेक्स टैक्स: कभी सेक्स टैक्स के बारे में सुना है। नहीं तो फिर जान लीजिए कि जर्मनी में सैक्स टैक्स जैसे कानून बनाए गए हैं। यहां प्रॉस्टिट्यूशन लीगल है। 2004 में इस कानून को बनाया गया। जिसके तहत हर प्रॉस्टिट्यूट को हर महीने 150 यूरो देने पड़ते हैं। इस सेक्स टैक्स के चलते यहां एक साल में 1 मिलियन यूरो की आमदनी होती है।

हरमनप्रीत-मंधाना ने बीसीसीआई को लिखी चिट्ठी, पोवार को दोबारा कोच बनाने की मांग

महिला टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में अंतिम एकादश से मिताली राज को बाहर रखने का विवाद थम नहीं रहा। कप्तान हरमनप्रीत कौर और उपकप्तान स्मृति मंधाना ने सोमवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को पत्र लिखा। इसमें कोच रमेश पोवार की कोच पद पर वापसी की मांग की गई है। इस विवाद के बाद बीसीसीआई ने कोच पोवार का कार्यकाल नहीं बढ़ाया था।

हरमनप्रीत और मंधाना ने बीसीसीआई की प्रशासकों की समिति (सीओए) को पत्र लिखा। सीओए के चेयरमैन विनोद राय ने पुष्टि की है कि दोनों ने पत्र में पोवार को पद पर बनाए रखने की मांग की है।’’ पोवार का कार्यकाल 30 नवंबर को समाप्त हुआ था, जिसके बाद बीसीसीआई ने कोच पद के लिए नए आवेदन मांगे हैं। पोवार भी आवेदन दे सकते हैं।

हरमनप्रीत ने कहा- पोवार टीम में बदलाव लाए

हरमनप्रीत ने पत्र में लिखा, ‘‘मैं टी-20 कप्तान और वनडे उपकप्तान के रूप में आपसे अपील करती हूं कि पोवार को कोच के रूप में बरकार रखा जाए। अगले टी-20 वर्ल्ड कप में 15 महीने और न्यूजीलैंड दौरे पर जाने के लिए एक महीना ही शेष है। एक टीम के रूप में वे जिस तरह हमारे अंदर बदलाव लाए उसे देखते हुए मुझे उन्हें बदलने का कोई कारण नजर नहीं आता।’’

'इंग्लैंड से मिली हार दिल तोड़ने वाली थी'हरमनप्रीत ने इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में हार पर लिखा, ‘‘हार दिल तोड़ने वाली थी और यह देखकर परेशानी और बढ़ गई कि कैसे हमारी छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। पोवार सर ने हमें प्रेरित किया कि हम खुद को चुनौती देने के लिए लक्ष्य बनाएं। उन्होंने तकनीकी और रणनीतिक रूप से भारतीय महिला क्रिकेट टीम में बदलाव किया।’’

मिताली को बाहर रखने का फैसला सामुहिक : हरमनप्रीत

हरमनप्रीत ने मिताली को बाहर रखने पर कहा, "‘उन्हें बाहर करना टीम प्रबंधन का फैसला था। इसके लिए पोवार अकेले जिम्मेदार नहीं थे। उस समय की जरूरतों को देखते हुए मैंने, स्मृति, चयनकर्ता (सुधा शाह) और कोच ने हमारे मैनेजर की मौजूदगी में यह फैसला किया था।’’

पोवार ने टीम का मनोबल बढ़ाया : मंधानास्मृति ने भी इस मामले में हरमनप्रीत का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "पोवार ने उन्हें बेहतर क्रिकेटर बनाया। उन्होंने सहयोगी स्टाफ के साथ मिलकर एक टीम के रूप में हमारा मनोबल बढ़ाया, जिससे हम लगातार 14 टी-20 मैच जीतने में सफल रहे।"

Thursday, November 29, 2018

दिग्विजय पहुंचे कॉफी हाउस, शिवराज के आने पर कहा- ये जगह पूर्व मुख्यमंत्रियों के नाम से जानी जाती है

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह गुरुवार को न्यूमार्केट स्थित इंडियन कॉफी हाउस पहुंचे। उन्होंने भोपाल के अपने दोस्तों के साथ लंच किया। उन्होंने कहा कि वे इस इंडियन कॉफी हाउस में बीते तीस साल से आ रहे हैं। जब उन्हें मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के आने के बारे में बताया गया तो उन्होंने कहा कि ये कॉफी हाउस पूर्व मुख्यमंत्रियों के यहां आने के नाम से जाना जाता है, इसलिए वो यहां आए थे।

दिग्विजय सिंह ने अपने प्रेस के मित्रों को भी यहां लंच के लिए आमंत्रित किया था। उन्होंने कहा कि जब वे विधायक, मंत्री, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री थे तब से यहां आ रहे हैं। जब मुख्यमंत्री नहीं थे तो भी यहां आते रहे हैं। उनके लिए यहां आना कोई नई बात नहीं है। कॉफी हाउस में काम करने वाले लोगों को वह नाम से जानते हैं। यहां से उनका तीस साल पुराना नाता है।

वर्तमान सरकार के प्रति आक्रोश: दिग्विजय सिंह को जब बताया गया कि यहां मंगलवार को मुख्यमंत्री सपरिवार आए थे तो उन्होंने कहा कि वे यहां आए और एयर कंडीशनर कमरे में बैठे थे। लेकिन, मैं जब भी यहां आता हूं, नान एसी रेस्टोरेंट में अपने दोस्तों के साथ बैठता हूं। दिग्विजय सिंह मतदान प्रतिशत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये वर्तमान सरकार के प्रति आक्रोश का नतीजा है। इससे मालूम चलता है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार प्रचंड बहुमत से बन रही है।

ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि जिन उपभोक्ताओं के प्री-पेड खाते में मिनिमम मंथली रीचार्ज के बराबर बैलेंस है, उनकी सेवाएं तुरंत बंद नहीं की जाएं। बल्कि, उन्हें पूरी जानकारी और समय दिया जाए। मोबाइल कंपनियों ने प्री-पेड ग्राहकों के लिए मंथली रीचार्ज जरूरी कर दिया है। ट्राई को इस बारे में शिकायतें मिली थीं।

उपभोक्ताओं को साफ-साफ जानकारी दें कंपनियां: ट्राई
ट्राई के चेयरमैन आर एस शर्मा ने बुधवार को कहा कि 'कंपनियों के टैरिफ और प्लान में हम आम तौर पर दखल नहीं देते। लेकिन, खाते में पर्याप्त बैलेंस होने के बावजूद उपभोक्ताओं की सेवाएं बंद करने के लिए कहना सही नहीं है। इस बारे में टेलीकॉम ऑपरेटरों को मंगलवार को निर्देश भेजे जा चुके हैं।

ट्राई ने ऑपरेटरों से कहा है कि उपभोक्ताओं को एसएमएस के जरिए तुरंत जानकारी दी जानी चाहिए। इसमें 72 घंटे से ज्यादा देरी नहीं होनी चाहिए।

भारती एयरटेल और वोडाफोन-आईडिया ने पिछले दिनों मिनिमम मंथली रीचार्ज प्लान का ऐलान किया था। यह प्लान 35 रुपए से शुरू होते हैं। प्रति उपभोक्ता राजस्व बढ़ाने के लिए कंपनियों ने यह फैसला लिया। इसके तहत प्री-पेड उपभोक्ताओं को सेवाऐं जारी रखने के लिए हर महीने मिनिमन रीचार्ज करवाना जरूरी है।

तीन हफ्ते के खेल के बाद भी चैम्पियन नहीं मिला, पहली बार लगातार 12 मैच ड्रॉ रहे

वर्ल्ड चेस चैम्पियनशिप तीन बार के डिफेंडिंग चैम्पियन नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन और अमेरिका के फैबियानो कारुआना के बीच खेली जा रही है। 12 मैच की चैम्पियनशिप के सभी मैच ड्रॉ रहे। टूर्नामेंट में ऐसा पहली बार हुआ, जब लगातार 12 मैच ड्रॉ रहे। तीन हफ्ते में 50 से ज्यादा घंटे तक खेलने के बाद भी चैम्पियन नहीं मिला। अब रिजल्ट के लिए टाईब्रेकर खेला जाएगा।

टाईब्रेकर मैच कांच के साउंडप्रूफ स्टेज पर होंगे। इसमें रैपिड गेम्स होंगे। अगर इससे भी विजेता नहीं मिला, तो सडन-डेथ से फैसला होगा। विनर को 4.38 करोड़ रुपए और रनरअप को 3.58 करोड़ रुपए की प्राइज मनी मिलेगी।

कारुआना के जीतने पर अमेरिका को 26 साल बाद मिलेगा चैम्पियन

26 साल के कारुआना अगर जीते तो वे बॉबी फिशर के बाद चैम्पियन बनने वाले पहले अमेरिकी बन जाएंगे। फिशर 1972 में चैम्पियन बने थे। वहीं, 27 साल के कार्लसन 19 साल की उम्र से दुनिया के टॉप खिलाड़ियों में शामिल हैं। वे चेस के छोटे फॉर्मेट में ज्यादा आक्रामक होते हैं। हालांकि, कार्लसन ने 12वीं बाजी में कारुआना के सामने ड्रॉ का प्रस्ताव रखकर कई कमेंटेटरों को चौंका दिया था, क्योंकि एक्सपर्ट्स और कंप्यूटर प्रोग्राम का मानना था कि वे कारुआना से बेहतर स्थिति में थे।

ड्रॉ रहने पर काले मोहरों वाला खिलाड़ी चैम्पियन माना जाएगा

अब दोनों खिलाड़ियों के बीच चार रैपिड मुकाबले खेले जाएंगे। यह 25-25 मिनट के होंगे और हर चाल में 10 सेकंड बढ़ेंगे। अगर चारों रैपिड मुकाबलों के बाद भी नतीजा नहीं आया, तो फिर 5-5 मिनट के दो ब्लिट्ज मुकाबले खेले जाएंगे। अगर, फिर भी नतीजा नहीं निकला तो आखिरी मुकाबला होगा, जिसमें काले मोहरों से खेल रहे खिलाड़ी को चार मिनट जबकि सफेद मोहरों से खेल रहे खिलाड़ी को पांच मिनट दिए जाएंगे। ड्रॉ होने की स्थिति में काले मोहरों से खेल रहे खिलाड़ी को विजेता घोषित कर दिया जाएगा। रैपिड और ब्लिट्ज में कार्लसन दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी हैं। जबकि कारुआना रैपिड में वर्ल्ड नंबर 8 और ब्लिट्ज में वर्ल्ड नंबर 13 हैं।

Tuesday, November 27, 2018

中国科学家贺建奎是否打开了“潘多拉魔盒”

中国生物科学家贺建奎周一(11月26日)宣布其创造世界首例基因编辑婴儿的消息在医学界一石激起千层浪,当事人贺建奎也仿佛一夜之间被“千夫所指”。

学者向BBC中文表示,虽然中国目前暂未有明确的法律条文禁止此类实验,但贺建奎仍有被追责的可能。此外,他的项目是如何通过实验伦理审查的也疑点重重。

在周一下午百余名中国学者发表联合声明谴责其违背医学伦理后,中国当局已下令对批准该实验的深圳和美妇儿科医院展开调查。

与此同时,美国莱斯大学也宣布开始对该校生物工程学教授迈克尔·蒂姆(Michael Deem)展开调查。该教授据称协助了贺建奎从事基因编辑计划。

基因编辑:中国科学家贺建奎引爆伦理争议
#首例免疫艾滋病基因编辑婴儿#
#首例免疫艾滋病基因编辑婴儿#在中国的新浪微博上贴出不久,点击已经超过12亿。

另据报道,贺建奎称他在将胚胎植入母体子宫之前,使用CRISPR基因编辑技术,改变胚胎中的一个基因,以让婴儿对艾滋病有抵抗力。

中国科学院生物与化学交叉研究中心研究员陈椰林对BBC中文表示,该实验引起巨大争议的原因是CRISPR技术的“脱靶效应”很明显,导致实验风险巨大。

“这种实验除了目标基因外,还很可能导致其他基因损伤。这种副作用在动物身上经常发生,概率非常高,并不是一个罕见的事情,”陈椰林说。

陈椰林还表示,根据现有医疗技术,艾滋病人想得到一个健康的孩子,可以有很多替代的方法,没有必要冒这么大的风险。

伦敦大学圣乔治分校(St George's)人类遗传学家雅尔达·贾姆什迪(Yalda Jamshidi)持类似看法。她对BBC表示,目前医学界对于类似实验产生的长期影响仍知之甚少。大多数人都无法从道德和伦理上接受,在人身上进行非必须的实验。

“我们的社会都该仔细考虑如何承担新疗法带来的风险,尤其是那些可能影响后代的治疗,”雅尔达·贾姆什迪说。

贺建奎在周日发布的一段YouTube视频中称,这对被称为露露和娜娜的女婴在几周前就已出生,“像其他婴儿一样健康”。

美联社最初的报道称,根据贺建奎实验的检测结果,双胞胎中有一位的两份目的基因都被改变了,而另一位只改变了一份。贺建奎称,没有证据显示其他基因受到了损伤。

但陈椰林认为,基因编辑所导致的不良效果是一个长期的过程。“有可能在胚胎期,有可能是在发育期,甚至有可能是中老年期,”陈椰林说。“比如损伤了一个致癌基因或生殖系统基因,很有可能这个孩子到二三十岁之后才能看得到。”

如何过审?
在此事件中,除了实验本身引发的伦理争议,该实验如何通过伦理委员会审查也引发了各界质疑。

据中国媒体《新京报》报道,参与该实验的家庭来源于艾滋病公益组织“白桦林”。

研究报告:基因改造胚胎“必不可少”
中国科学家称以基因改造技术培殖“抗牛结核病”克隆牛
英国科学家获准做人类胚胎基因改造研究
该项目负责人称,贺建奎去年5月与其联系,该组织随后发布了招募启事,希望寻找男方是感染者,并且两人中有生育障碍的家庭。该组织随后筛选出了50人发给贺建奎团队。

भागवत ने कहा- न्याय में देरी अन्याय की तरह, राम मंदिर पर जल्द कानून लाए सरकार

राष्ट्रीय स्वयं सेवकसंघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने फिर राम मंदिर निर्माण के लिए कानून लाने की बात कही। भागवत ने रविवार को कहा, ‘आरएसएस का मानना है कि राम मंदिर बनना चाहिए।' उन्होंने कहा कि न्याय में देरी भी अन्याय की तरह ही है। सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए जल्द से जल्द कानून लाए।

'अयोध्या में राम का नहीं तो किसका मंदिर बनेगा?'
भागवत ने विश्व हिंदू परिषद की हुंकार रैली में हिस्सा लिया। कहा- संत जो भी तय करेंगे, आरएसएस उनके साथ है। भारत एक लोकतांत्रिक देश है। इसी वजह से संत और भक्त राम मंदिर निर्माण की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि एएसआई द्वारा की गई खुदाई में पाया गया था कि वहां पर मंदिर था जिसे ध्वस्त कर दिया गया। अगर वहां राम मंदिर नहीं बनेगा तो वहां पर किसका मंदिर बनेगा? अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाने की जरूरत है।

'सुप्रीम कोर्ट राम मंदिर को प्राथमिकता नहीं दे रहा'
संघ प्रमुख ने कहा, "यह मामला कोर्ट में है, इसका फैसला जल्द होना चाहिए। यह भी सिद्ध हो चुका है कि राम मंदिर उसी जगह पर था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट मामले को प्राथमिकता नहीं दे रहा। अगर किसी वजह से अपनी व्यस्तता के कारण, या पता नहीं अपने समाज की संवेदना को न जानने की वजह से न्यायालय की प्राथमिकता में राम मंदिर नहीं है तो सरकार को सोचना चाहिए कि मंदिर को बनाने के लिए कानून कैसे बन सकता है। सरकार जल्द कानून को लाए। यही उचित है।''

राम मंदिर निर्माण के लिए कानून लाने की मांग तेज हो रही है। रविवार को विहिप ने अयोध्या में धर्म सभा का आयोजन किया। इसमें देश भर से संत पहुंचे। विहिप ने धर्म सभा के माध्यम से मंदिर निर्माण के लिए अगले सत्र में बिल लाने की मांग की।

संघ लगातार केंद्र सरकार पर राम मंदिर के लिए अध्यादेश लाने के लिए दबाव डाल रहा है। शनिवार को हरिद्वार में भी भागवत ने कहा था कि सरकार को राम मंदिर का निर्माण कराने के लिए अध्यादेश लाना चाहिए। संघ प्रमुख इससे पहले भी कई बार खुले मंच से अध्यादेश लाने की मांग कर चुके हैं

Monday, November 26, 2018

इंडिगो ने सीट चुनने पर 800 रु तक चार्ज लगाया, आलोचना हुई तो कहा- यह सभी सीटों के लिए नहीं

इंडिगो एयरलाइंस ने वेब चेक-इन के दौरान सीट चुनने पर 100 से 800 रुपए तक का चार्ज लगा दिया। सोशल मीडिया पर इस फैसले की आलोचना हुई तो सरकार ने समीक्षा करने की बात कही। ऐसे में एयरलाइंस ने सफाई दी कि चार्ज लगाने का फैसला सभी सीटों के लिए नहीं है। वेब चेक-इन के दौरान कुछ सीटों को एडवांस में उनकी उपलब्धता के आधार पर फ्री में चुना जा सकता है। 

इंडिगो की सफाई

एयरलाइंस ने सोमवार दोपहर कहा, ‘‘वेब चेक-इन के दौरान पसंदीदा सीट चुनने पर मिनिमम 100 रुपए चार्ज देना होगा। इसके अलावा कुछ सीटों का चयन मुफ्त रहेगा। ऐसी सीटों की उपलब्धता फ्लाइट डिपार्चर से निश्चित समय पहले (कम से कम एक दिन पहले) तक या कुछ विशेष तरह के विमानों पर (जैसे- एटीआर ऑपरेटेड फ्लाइट) निर्भर रहेगी। अगर यात्री बुकिंग के दौरान एडवांस सीट सेलेक्शन नहीं करता और अतिरिक्त चार्ज नहीं देना चाहता तो वेब चेक-इन के दौरान वह उपलब्ध फ्री सीट चुन सकता है। एयरपोर्ट पर चेक-इन के दौरान उसे वही सीट मुहैया कराई जाएगी।’’

सरकार ने कही समीक्षा करने की बात

वेब चेक-इन के दौरान सीट चुनने पर चार्ज लगाने के एयरलाइंस के फैसले पर उड्डयन मंत्रालय ने सोमवार सुबह ट्वीट किया। मंत्रालय ने लिखा, ‘‘हम एयरलाइंस द्वारा इस तरह का चार्ज लगाने की समीक्षा कर रहे हैं। सभी एयरलाइंस अनबंडल्ड प्राइसिंग फ्रेमवर्क में आती हैं।’’

इंडिगो ने चार्ज लगा दिया, लेकिन जानकारी नहीं दी

इंडिगो ने 14 नवंबर से वेब चेक-इन के दौरान कोई भी सीट चुनने पर चार्ज लगा दिया था। कई यात्रियों ने किराया बढ़ने को लेकर सवाल पूछा तो इंडिगो ने 25 नवंबर को ट्वीट किया और इसमें ऑनलाइन टिकट बुकिंग पॉलिसी में बदलाव होने की जानकारी दी। इसके बाद सोशल मीडिया पर एयरलाइंस के कदम की आलोचना होने लगी। यात्रियों ने पूछा कि इंडिगो सबसे सस्ती घरेलू उड़ान होने का दावा करती है तो वेब चेक-इन पर शुल्क लेकर मुसाफिरों की जेब पर बोझ क्यों बढ़ा रही है?

रविवार को नई पॉलिसी का खुलासा किया

इंडिगो ने नई पॉलिसी में बताया था कि सीटों की स्थिति के हिसाब से वेब चेक-इन के चार्ज लगेंगे। पहली कतार की सीट के लिए 800 रुपए अतिरिक्त देने होंगे। वहीं, इमरजेंसी गेट के पीछे वाली 12वीं पंक्ति की सीट के लिए 600 रुपए एक्स्ट्रा लगेंगे। आखिरी लाइन की बीच वाली सीट के लिए 100 रुपए चुकाने होंगे। 

पिछली तिमाही में घाटे के बाद उठाया कदम

इससे पहले इंडिगो एयरलाइंस विंडो और एक्स्ट्रा लेगरूम वाली सीटों के लिए ही चार्ज लेती थी। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा कमाई के लिए एयरलाइंस अब सभी सीटों पर शुल्क लेने का फैसला ले रही है। इसकी वजह हवाई ईंधन महंगा होने और डॉलर के मुकाबले रुपए में कमजोरी बताई जा रही है। इसी वजह से जुलाई-सितंबर में इंडिगो को 651 करोड़ रुपए का घाटा भी हुआ।

अजमेर दरगाह धमाका: 11 साल बाद गुजरात में पकड़ा गया आरोपी

अजमेर दरगाह में 2007 में हुए बम धमाके के एक आरोपी को आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने गुजरात के भरूच से रविवार को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी बीते 11 सालों से फरार था. मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आरोपी सुरेश नायर पर दो लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी.

गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने एक बयान में कहा कि एनआईए के मुताबिक नायर ने कथित तौर पर राजस्थान की इस प्रसिद्ध सूफी दरगाह पर बम रखने वालों को बम की आपूर्ति की थी और वह मौके पर मौजूद भी था.

बता दें कि 11 अक्टूबर 2007 में हुए बम धमाके में तीन लोगों की मौत हो गई थी जबकि 17 अन्य घायल हुए थे. एटीएस ने कहा कि भरूच से पकड़े जाने के बाद नायर को आगे की जांच के लिये अहमदाबाद ले जाया गया. वह गुजरात के खेड़ा जिले के थसारा का रहने वाला है.

एजेंसी ने बताया कि गुजरात एटीएस के अधिकारियों को एक पुख्ता सूचना मिली थी कि सुरेश नायर निकट भविष्य में भरूच में शुक्लतीर्थ आएगा, जिसके बाद उस जगह कड़ी नजर रखी जाने लगी. उसे मौके से पकड़ा गया. इसमें कहा गया कि उसे एनआईए को सौंपा जाएगा.

पिछले एक महीने से ज्यादा समय से भारत में पेट्रोल और डीजल के भाव घटने का सिलसिला जारी है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में एक महीने से अधिक समय से गिरावट दर्ज हो रही है. सस्ते हुए पेट्रोल-डीजल से जहां वाहन चालकों व आम उपभोक्ताओं को महंगाई से थोड़ी राहत मिली है वहीं बड़ी राहत अभी भी केन्द्र सरकार और सरकार तेल कंपनियों के बीच फंसी है.

बीते एक हफ्ते से पेट्रोल और डीजल की कीमत में रोज कटौती हुई है. इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में सोमवार को पेट्रोल के भाव क्रमश: 74.49 रुपये, 76.47 रुपये, 80.03 रुपये और 77.32 रुपये प्रति लीटर दर्ज किए गए. वहीं चारों महानगरों में डीजल की कीमतें क्रमश: 69.29 रुपये, 71.14 रुपये, 72.56 रुपये और 73.20 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गईं।

तेल विपणन कंपनियों ने सोमवार को दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में पेट्रोल के दाम में 35 पैसे प्रति लीटर, जबकि चेन्नई में 37 पैसे प्रति लीटर की कटौती की. वहीं, डीजल कीमतों में दिल्ली और कोलकाता में 41 पैसे, जबकि मुंबई और चेन्नई में 43 पैसे प्रति लीटर की कटौती की गई है.

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तीन अक्टूबर के बाद ब्रेंट क्रूड के दाम में 30 फीसदी से ज्यादा जबकि अमेरिकी लाइट क्रूड वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई के भाव में करीब 33 फीसदी की कमी आई है. अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज यानी आईसीई पर ब्रेंट क्रूड का जनवरी डिलीवरी वायदा सोमवार को पिछले सत्र के मुकाबले 0.46 फीसदी की बढ़त के साथ 59.26 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था. वहीं, न्यूयार्क मर्केंटाइल एक्सचेंज यानी नायमैक्स पर डब्ल्यूटीआई का जनवरी डिलीवरी वायदा अनुबंध 0.48 फीसदी की बढ़त के साथ 50.66 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था.

Tuesday, November 13, 2018

इसराइल के ख़ुफिया अभियान के बाद ग़ज़ा में झड़पें

सराइल की सेना और फ़लस्तीन के हमास लड़ाकों के बीच ग़ज़ा में हिंसक झड़पें हो रही हैं.

इन झड़पों की शुरुआत के एक दिन पहले इसराइल ने ग़ज़ा में एक गोपनीय अभियान चलाया था जिसमें सात चरमपंथियों और इसराइल के एक सैनिक की मौत हो गई थी.

सोमवार को चरमपंथियों ने इसराइल की तरफ 200 रॉकेट दागे. इनमें से एक ने खाली बस को निशाना बनाया और पास में ही मौजूद एक सैनिक गंभीर रुप से घायल हो गया.

इसके जवाब में इसराइल ने भी हमले किए. इसराइल के मुताबिक़ उसने हमास और इस्लामी जिहाद के ठिकानों को निशाना बनाया.

इन हमलों में तीन फ़लस्तीनी मारे गए. रिपोर्टों के मुताबिक़ इनमें से दो चरमपंथी थे.

इसके पहले इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू अपने पेरिस दौरे को जल्दी ख़त्म करके वापस लौट आए. उनकी वापसी का मक़सद इसराइल के सुरक्षा प्रमुखों से मशविरा करना था. वो पहले विश्व युद्ध की समाप्ति के सौ साल पूरे होने के मौके पर आयोजित समारोह में हिस्सा लेने गए थे.

रविवार को क्या हुआ था?
हमास के एक कमांडर और इसराइल के एक सैनिक की रविवार को मौत हो गई थी.

फ़लस्तीनियों का कहना है कि नागरिक वाहन में सवार इसराइल की एक सैन्य टुकड़ी ने हमास कमांडर की जान ले ली.

फ़लस्तीनी सूत्रों के मुताबिक़ इसराइल की ये टुकड़ी ग़ज़ा पट्टी के करीब तीन किलोमीटर अंदर थी. ग़ज़ा पट्टी पर नियंत्रण रखने वाले हमास के लड़ाकों ने उनके वाहन को रोका.

इस समूह की सैन्य शाखा इज़्ज़ेदिन अल कसाम ब्रिगेड्स ने बताया कि इसराइली सैनिकों ने गोलियां चलाना शुरु कर दिया और इसमें एक स्थानीय कमांडर नूर बराख़ की मौत हो गई. रिपोर्टों के मुताबिक़ ये घटना ख़ान यूनिस के पास की है.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़, इसके बाद गोलीबारी शुरू हो गई. इसराइल के टैकों और विमानों ने भी इस इलाक़े में हमले किए.

समाचार एजेंसी एएफपी ने फ़लस्तीन के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि इन हमलों में हमास से जुड़े छह लोगों की मौत हो गई. हमले में मरने वाला सातवां व्यक्ति पॉपुलर रजिस्टेंस कमेटीज़ से जुड़ा था.

इसराइल डिफेंस फोर्सेज़ (आईडीएफ) के मुताबिक़, हमले में शामिल स्पेशल यूनिट के एक सदस्य की मौत हुई और एक अन्य मामूली रूप से घायल हो गया.