इंडिगो एयरलाइंस ने वेब चेक-इन के दौरान सीट चुनने पर 100 से 800 रुपए तक का चार्ज लगा दिया। सोशल मीडिया पर इस फैसले की आलोचना हुई तो सरकार ने समीक्षा करने की बात कही। ऐसे में एयरलाइंस ने सफाई दी कि चार्ज लगाने का फैसला सभी सीटों के लिए नहीं है। वेब चेक-इन के दौरान कुछ सीटों को एडवांस में उनकी उपलब्धता के आधार पर फ्री में चुना जा सकता है।
इंडिगो की सफाई
एयरलाइंस ने सोमवार दोपहर कहा, ‘‘वेब चेक-इन के दौरान पसंदीदा सीट चुनने पर मिनिमम 100 रुपए चार्ज देना होगा। इसके अलावा कुछ सीटों का चयन मुफ्त रहेगा। ऐसी सीटों की उपलब्धता फ्लाइट डिपार्चर से निश्चित समय पहले (कम से कम एक दिन पहले) तक या कुछ विशेष तरह के विमानों पर (जैसे- एटीआर ऑपरेटेड फ्लाइट) निर्भर रहेगी। अगर यात्री बुकिंग के दौरान एडवांस सीट सेलेक्शन नहीं करता और अतिरिक्त चार्ज नहीं देना चाहता तो वेब चेक-इन के दौरान वह उपलब्ध फ्री सीट चुन सकता है। एयरपोर्ट पर चेक-इन के दौरान उसे वही सीट मुहैया कराई जाएगी।’’
सरकार ने कही समीक्षा करने की बात
वेब चेक-इन के दौरान सीट चुनने पर चार्ज लगाने के एयरलाइंस के फैसले पर उड्डयन मंत्रालय ने सोमवार सुबह ट्वीट किया। मंत्रालय ने लिखा, ‘‘हम एयरलाइंस द्वारा इस तरह का चार्ज लगाने की समीक्षा कर रहे हैं। सभी एयरलाइंस अनबंडल्ड प्राइसिंग फ्रेमवर्क में आती हैं।’’
इंडिगो ने चार्ज लगा दिया, लेकिन जानकारी नहीं दी
इंडिगो ने 14 नवंबर से वेब चेक-इन के दौरान कोई भी सीट चुनने पर चार्ज लगा दिया था। कई यात्रियों ने किराया बढ़ने को लेकर सवाल पूछा तो इंडिगो ने 25 नवंबर को ट्वीट किया और इसमें ऑनलाइन टिकट बुकिंग पॉलिसी में बदलाव होने की जानकारी दी। इसके बाद सोशल मीडिया पर एयरलाइंस के कदम की आलोचना होने लगी। यात्रियों ने पूछा कि इंडिगो सबसे सस्ती घरेलू उड़ान होने का दावा करती है तो वेब चेक-इन पर शुल्क लेकर मुसाफिरों की जेब पर बोझ क्यों बढ़ा रही है?
रविवार को नई पॉलिसी का खुलासा किया
इंडिगो ने नई पॉलिसी में बताया था कि सीटों की स्थिति के हिसाब से वेब चेक-इन के चार्ज लगेंगे। पहली कतार की सीट के लिए 800 रुपए अतिरिक्त देने होंगे। वहीं, इमरजेंसी गेट के पीछे वाली 12वीं पंक्ति की सीट के लिए 600 रुपए एक्स्ट्रा लगेंगे। आखिरी लाइन की बीच वाली सीट के लिए 100 रुपए चुकाने होंगे।
पिछली तिमाही में घाटे के बाद उठाया कदम
इससे पहले इंडिगो एयरलाइंस विंडो और एक्स्ट्रा लेगरूम वाली सीटों के लिए ही चार्ज लेती थी। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा कमाई के लिए एयरलाइंस अब सभी सीटों पर शुल्क लेने का फैसला ले रही है। इसकी वजह हवाई ईंधन महंगा होने और डॉलर के मुकाबले रुपए में कमजोरी बताई जा रही है। इसी वजह से जुलाई-सितंबर में इंडिगो को 651 करोड़ रुपए का घाटा भी हुआ।
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